सोनभद्र के रवि सिंह ने वर्ल्ड क्वान की डो चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, जिले का बढ़ाया मान
सोनभद्र के रवि सिंह ने वर्ल्ड क्वान की डो चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, जिले का बढ़ाया मान
3:50 PM, May 29, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

जनपद सोनभद्र के होनहार खिलाड़ी रवि सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए यूरोप के देश रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में आयोजित 8वीं वर्ल्ड क्वान की डो चैंपियनशिप 2026 में रजत पदक जीतकर पूरे देश, उत्तर प्रदेश और सोनभद्र जिले का नाम रोशन किया है।यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 20 मई से 24 मई 2026 तक आयोजित हुई, जिसमें 37 देशों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रेणुकूट निवासी एवं hindalco.com के बॉयलर को-जनरेशन विभाग में कार्यरत रवि सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रजत पदक अपने नाम किया।रवि सिंह की इस उपलब्धि पर जनपद में खुशी की लहर दौड़ गई। सोनभद्र के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने रवि सिंह को फूल-माला एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अधिकारियों ने कहा कि रवि सिंह ने अपने कठिन परिश्रम और लगन से पूरे जिले को गौरवान्वित किया है।वहीं हिण्डालको परिवार की ओर से भी रवि सिंह का भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कंपनी के मुखिया समीर नायक, क्लस्टर एचआर हेड जसबीर सिंह, एचआर हेड अजय सिन्हा, बॉयलर को-जेन हेड कैलाश प्रधान, कमल किशोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने रवि को सम्मानित कर बधाई दी।रेणुकूट रेलवे स्टेशन से लेकर हिण्डालको के एचआर विभाग तक ढोल-नगाड़ों के साथ रवि सिंह का भव्य स्वागत किया गया। हिण्डालको के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।इस अवसर पर आयोजित मीडिया कॉन्फ्रेंस में रवि सिंह ने अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए भावुक होकर कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने वर्षों तक कठिन मेहनत, अनुशासन और संघर्ष किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता एवं स्वर्गीय पिता महामाया प्रसाद सिंह को दिया। रवि ने कहा कि उनके पिता भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद और संघर्ष हमेशा उनके साथ रहा।आज रवि सिंह पूरे सोनभद्र और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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