राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुईं सोनभद्र की शिक्षिका मीरा सिंह
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव का क्षण है। विकासखंड चोपन के उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह की सहायक अध्यापिका श्रीमती मीरा सिंह का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए किया गया है। राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय के क्रम में जारी सूची में श्रीमती मीरा सिंह का नाम शामिल है।
8:06 AM, Sep 1, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

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सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव का क्षण है। विकासखंड चोपन के उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह की सहायक अध्यापिका श्रीमती मीरा सिंह का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए किया गया है। राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय के क्रम में जारी सूची में श्रीमती मीरा सिंह का नाम शामिल है। शासन के पत्र के अनुसार राज्य स्तर पर कुल 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए अनुमोदित किया गया है।
श्रीमती मीरा सिंह ने जनपद सोनभद्र के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) से बीटीसी प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद वर्ष 2011 में प्राथमिक विद्यालय चोपन में नियुक्त होकर अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2015 में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नत होकर उन्होंने प्राथमिक विद्यालय यादव बस्ती में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वर्ष 2025 में हुए समायोजन के बाद वर्तमान में वह उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह, विकासखंड चोपन में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं।
श्रीमती मीरा सिंह की पहचान एक रचनात्मक एवं नवाचारी शिक्षिका के रूप में है। वह आर्ट एंड क्राफ्ट तथा रचनात्मक टीएलएम के माध्यम से विद्यार्थियों की अधिगम क्षमता को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करती हैं। उनकी विशेषता यह है कि वह कठिन एवं जटिल विषयों को केवल पारंपरिक तरीके से पढ़ाने के बजाय उन्हें गतिविधियों, मॉडल, चित्रों, कला और प्रयोगों से जोड़कर बच्चों के लिए सरल, सहज और सुबोध बना देती हैं।
उनकी कक्षा में गतिविधि आधारित एवं करके सीखने की पद्धति को विशेष महत्व दिया जाता है। बच्चों को विषय की अवधारणाओं को स्वयं अनुभव करने और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है। रचनात्मक टीएलएम के प्रयोग से वह अमूर्त एवं कठिन अवधारणाओं को भी बच्चों के अनुभवों से जोड़कर प्रस्तुत करती हैं, जिससे विद्यार्थियों में जिज्ञासा, सहभागिता, कल्पनाशीलता और सीखने की रुचि विकसित होती है। यही उनकी शिक्षण शैली को प्रभावी और विशिष्ट बनाती है।
वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करते हुए श्रीमती मीरा सिंह ने शिक्षण को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का माध्यम न मानकर बच्चों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें रचनात्मक तरीके से विकसित करने का माध्यम बनाया। बीटीसी प्रशिक्षण के बाद 2011 में शुरू हुआ उनका शिक्षकीय सफर आज राज्य शिक्षक पुरस्कार के सम्मान तक पहुंचा है। उनका चयन उनके समर्पण, नवाचार और बाल-केंद्रित शिक्षण दृष्टिकोण का सम्मान होने के साथ-साथ जनपद सोनभद्र के लिए भी गौरव की उपलब्धि है।
श्रीमती मीरा सिंह के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन पर विद्यालय परिवार, शिक्षक समुदाय एवं क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सोनभद्र एवं समस्त बेसिक शिक्षा परिवार की ओर से श्रीमती मीरा सिंह को हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित किया गया है।
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