बिना लाइसेंस कीटनाशकों के विक्रय पर होगी सख्त कार्रवाई : जिलाधिकारी
बिना लाइसेंस कीटनाशकों के विक्रय पर होगी सख्त कार्रवाई : जिलाधिकारी
8:25 PM, Jun 23, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार के लिए वैध लाइसेंस अनिवार्य, किसानों से अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी की अपील
सोनभद्र। जनपद में कीटनाशकों के अवैध भंडारण, विक्रय और ऑनलाइन व्यापार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने समस्त कीटनाशक विक्रेताओं, थोक एवं फुटकर व्यापारियों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म संचालकों तथा कृषक बंधुओं को कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियमावली, 1971 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस के किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा कीटनाशकों का भंडारण, विक्रय, वितरण अथवा ऑनलाइन व्यापार करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि जनपद में किसानों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कीटनाशकों के भंडारण एवं विक्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। सभी लाइसेंसधारी विक्रेता केवल अनुमोदित एवं पंजीकृत कीटनाशकों का ही विक्रय करें। साथ ही प्रत्येक बिक्री पर बिल अथवा कैश मेमो जारी करना, स्टॉक रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों का नियमित संधारण करना भी आवश्यक है।जिलाधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए कीटनाशकों की बिक्री से पहले संबंधित विक्रेता के लाइसेंस का सत्यापन किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना लाइसेंस के ऑनलाइन या ऑफलाइन कारोबार पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 के तहत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन द्वारा शीघ्र ही जनपद भर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत कीटनाशक दुकानों, गोदामों तथा ऑनलाइन कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही कीटनाशक खरीदें तथा खरीदारी के समय बिल अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि बिल न केवल उत्पाद की गुणवत्ता और वैधता का प्रमाण होता है, बल्कि किसी शिकायत या विवाद की स्थिति में किसानों के हितों की रक्षा भी करता है।






