सोनभद्र की छतों पर तेजी से उतर रही 'बचत की छतरी,सोनांचल में सौर क्रांति का बढ़ता दायरा, पीएम सूर्य घर योजना से अब तक 3365 परिवार लाभान्वित
सोनभद्र की छतों पर तेजी से उतर रही 'बचत की छतरी,सोनांचल में सौर क्रांति का बढ़ता दायरा, पीएम सूर्य घर योजना से अब तक 3365 परिवार लाभान्वित
8:06 PM, Jul 11, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

वित्त वर्ष 2026-27 में 4042 नए घरों तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर तेज हुआ क्रियान्वयनसोनभद्र। देश में सर्वाधिक बिजली उत्पादन करने वाले सोनभद्र जिले में अब लोग प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। इससे बिजली बिल का बोझ कम होने के साथ ही लोगों को हर महीने उल्लेखनीय बचत भी हो रही है। छतों पर लगने वाला रूफटॉप सोलर प्लांट अब आमजन के लिए सचमुच 'बचत की छतरी' बनता जा रहा है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी के कारण सौर ऊर्जा आम लोगों की पहुंच में आ गई है और बड़ी संख्या में परिवार इस हरित पहल से जुड़ रहे हैं।यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी चंद्रशेखर ने बताया कि जिले में अब तक 3365 घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों से प्रतिदिन 50 हजार यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि 2955 लाभार्थियों के खातों में योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी हस्तांतरित की जा चुकी है, जबकि शेष लाभार्थियों को भी शीघ्र सब्सिडी उपलब्ध करा दी जाएगी।उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में 4042 नए घरों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत अप्रैल से जून 2026 के बीच 971 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है।डबल सब्सिडी से बढ़ रहा आकर्षणपरियोजना प्रभारी के अनुसार, योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र पर केंद्र सरकार 30 हजार रुपये तथा उत्तर प्रदेश सरकार 15 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देती है। इस प्रकार लाभार्थी को कुल 45 हजार रुपये की सहायता प्राप्त होती है।इसी प्रकार 2 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर केंद्र सरकार 60 हजार रुपये और राज्य सरकार 30 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे कुल 90 हजार रुपये का लाभ मिलता है।वहीं 3 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र पर केंद्र सरकार 78 हजार रुपये तथा उत्तर प्रदेश सरकार अधिकतम 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराती है। इस प्रकार लाभार्थी को कुल 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्राप्त हो सकती है।उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना, बिजली बिल में कमी लाना तथा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है। जिले में बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि सोनभद्र में सौर ऊर्जा को लेकर लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
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