औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना पर व्यापार संगठन ने डीएम का किया सम्मान, प्रदूषण, शिक्षा और नगर विकास समेत कई मुद्दे उठाए
औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना पर व्यापार संगठन ने डीएम का किया सम्मान, प्रदूषण, शिक्षा और नगर विकास समेत कई मुद्दे उठाए
2:52 PM, Jul 7, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र, 7 जुलाई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर एक ओर जनपद में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की दिशा में हुई प्रगति पर उनका सम्मान एवं अभिनंदन किया, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों और आम नागरिकों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं को भी उनके समक्ष रखा।संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने जिलाधिकारी को सम्मान पत्र भेंट करते हुए कहा कि जनपद में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की मांग पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार विभिन्न मंचों पर उठाई जा रही थी। यह केवल व्यापारियों की मांग नहीं, बल्कि जनपद के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक प्रगति से जुड़ी जनभावना थी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के दूरदर्शी नेतृत्व, सकारात्मक सोच, प्रशासनिक दक्षता और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण बहुप्रतीक्षित औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की दिशा में प्रभावी पहल हुई है। इसके लिए जनपद के व्यापारी, उद्यमी एवं नागरिक उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।कौशल शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लैंड पूलिंग मॉडल को बढ़ावा दे रही है और काशी-विंध्य क्षेत्रीय विकास की अवधारणा में सोनभद्र भी शामिल है। उन्होंने वाराणसी विकास प्राधिकरण की आनंद काशी, कल्लीपुर और रुद्र विहार जैसी योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि इन्हें लैंड पूलिंग मॉडल से विकसित किया जा रहा है, जिसे किसानों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने जनपद में भी इसी मॉडल को अपनाकर योजनाबद्ध विकास करने का सुझाव दिया।व्यापार संगठन ने नगर विकास से जुड़े मुद्दों पर भी जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित किया। संगठन ने कहा कि नगर में सड़क निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का अभाव दिखाई देता है। एक विभाग सड़क बनाता है तो दूसरा विभाग बाद में खुदाई कर देता है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होने के साथ आम जनता को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। संगठन ने नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, दूरसंचार और जल निगम सहित सभी विभागों के बीच समन्वित कार्ययोजना लागू करने की मांग की।प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्या उठाते हुए कहा कि सीबीएसई विद्यालयों में प्रत्येक वर्ष एनसीईआरटी की पुस्तकों की सूची एक ही दुकान से महंगे दामों पर उपलब्ध कराई जाती है। संगठन ने मांग की कि विद्यालय सत्र शुरू होने से पहले अपनी वेबसाइट एवं नोटिस बोर्ड पर पुस्तक का नाम, विषय, प्रकाशक और मूल्य सहित सूची सार्वजनिक करें तथा उसकी प्रति बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को भी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बाद में सूची में अनावश्यक संशोधन न किए जाएं।बैठक में सोनभद्र में बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कौशल शर्मा ने कहा कि एनजीटी की रिपोर्ट के अनुसार जनपद की औद्योगिक इकाइयों से प्रतिदिन लगभग 40 किलोग्राम मरकरी (पारा) वातावरण में छोड़ी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर पेयजल और रक्त के नमूनों में पारे की मात्रा निर्धारित मानकों से कई गुना अधिक पाई गई है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने इस विषय पर प्रभावी कार्रवाई और नियमित निगरानी की मांग की।संगठन ने विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश को सर्वाधिक विद्युत उत्पादन देने वाले जनपद सोनभद्र में विद्युत सुरक्षा विभाग द्वारा सुरक्षा मानकों के अनुपालन और फायर सेफ्टी ऑडिट की स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पिछले पांच वर्षों में किए गए सुरक्षा ऑडिट, उनमें पाई गई कमियां तथा उन पर हुई कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।इस अवसर पर जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह, जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष धर्मराज सिंह, राजेश जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल, कृष्णा सोनी, प्रदीप जायसवाल, यशपाल सिंह, दीप सिंह पटेल, विनय जायसवाल, सुनील सरोज, नगर महामंत्री जसकीरत सिंह, नगर कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ सांवरिया, नगर संयोजक अमित अग्रवाल सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
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