भीषण गर्मी में पानी-बिजली को तरसे आदिवासी परिवार, मनीजराडण्डी के ग्रामीणों ने उठाई मूलभूत सुविधाओं की मांग
भीषण गर्मी में पानी-बिजली को तरसे आदिवासी परिवार, मनीजराडण्डी के ग्रामीणों ने उठाई मूलभूत सुविधाओं की मांग
8:51 PM, May 23, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Anil kumar agrahari

सोनभद्र। कोटा ग्राम पंचायत के मनीजराडण्डी टोला में आज भी लगभग 40 से 50 आदिवासी परिवार बिजली, पानी, आवास और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित जीवन जीने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आज तक न तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो पाई है और न ही बिजली की सुविधा पहुंच सकी है। हालात यह हैं कि लोग पीने और दैनिक उपयोग के लिए चूहाड़ और नाले के पानी पर निर्भर हैं। भीषण गर्मी के चलते अब ये जल स्रोत भी सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे पेयजल संकट और गहरा गया है।ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई परिवार आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। सड़क और शिक्षा जैसी जरूरी सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है। महिलाओं का कहना है कि उन्हें पानी के लिए काफी दूर तक जाना पड़ता है, जिससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है।कोटा ग्राम पंचायत के युवा समाजसेवी दीपू शर्मा ने कहा कि पंचायत क्षेत्र के कई मजरे और टोले आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाएं कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कागज में हर घर जल है, जमीन पर सूखे नल हैं।"उन्होंने बताया कि गांव में पाइपलाइन और नल तो लगाए गए, लेकिन आज तक उनमें एक बूंद पानी तक नहीं पहुंचा।ग्रामीण परमिला कमरो, पानमती कमरो, फूलवंती नेताम, राजवंती गोंड, रामजन्म कमरो गोंड, राय सिंह टेकाम, सुनील कमरो, बिहारी अगरिया, कतवारू कमरो, श्यामनारायण कमरो, बृजेश और राजेश सहित अन्य ग्रामीणों ने एक स्वर में बिजली, पानी, सड़क, आवास और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि उन्हें भी सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिल सके।
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