दो निजी अस्पताल सील, एक का ऑपरेशन थिएटर बंद; दुद्धी में प्रशासन की बड़ी छापेमारी
दो निजी अस्पताल सील, एक का ऑपरेशन थिएटर बंद; दुद्धी में प्रशासन की बड़ी छापेमारी
6:55 AM, Jul 1, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

दुद्धी (सोनभद्र)। नगर में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच मंगलवार को जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दो निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया, जबकि एक अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को मानकों का पालन न करने पर सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से नगर के निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।प्रशासन की यह कार्रवाई हाल ही में हुई उस घटना के बाद की गई, जिसमें एक घायल मरीज को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया था और बाद में उसे मृत अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए निजी अस्पतालों की जांच तेज कर दी गई है।उपजिलाधिकारी निखिल यादव, नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव तथा पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने सबसे पहले रेलवे स्टेशन रोड स्थित समृद्धि अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में कई कमियां और दस्तावेजों में अनियमितताएं सामने आईं। स्टाफ से पूछताछ की गई तथा कुछ लोगों को आवश्यक पूछताछ के लिए कोतवाली ले जाया गया।इसके बाद टीम बढ़नीनाला-लौवा नदी मार्ग स्थित सेवा सदन अस्पताल और शिवा अस्पताल पहुंची। शिवा अस्पताल में मरीज भर्ती मिले, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों के संबंध में आवश्यक सूचना और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप नहीं मिला, जिस पर प्रशासन ने ओटी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।इसी दौरान इंडियन बैंक के सामने संचालित एक अनधिकृत अस्पताल पर भी टीम ने कार्रवाई की। अस्पताल बाहर से बंद मिला। टीम ने ताला खुलवाकर अंदर प्रवेश किया तो वहां एक बीमार आदिवासी बच्चा भर्ती मिला। बिना पंजीकरण अस्पताल संचालन और मरीज को असुरक्षित परिस्थितियों में रखने को गंभीर लापरवाही मानते हुए अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया। बच्चे को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा गया, जहां उसका उपचार शुरू कराया गया। बच्चे की मां की भावुक स्थिति देख अधिकारियों ने तत्काल बेहतर इलाज की व्यवस्था कराई।एसडीएम निखिल यादव ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना मानक या नियमों का उल्लंघन कर संचालित किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। सभी निजी अस्पतालों की जांच जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।छापेमारी के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. शाह आलम, नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, एसआई अमित कुमार सिंह, बीपीएम संदीप सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध एवं मानकविहीन अस्पतालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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