हर घर शुद्ध नल जल डॉक्यूमेंट्री के प्रमोशन पर दिग्गज कलाकारों और निर्देशकों ने की सराहना।
डॉक्यूमेंट्री में सोनभद्र की नदियों में बहते राखड़ (फ्लाई ऐश), बलिया नाला में बहते कोयला मिश्रित पानी, रेणुका क्षेत्र की बदहाल स्थिति, प्रदूषण से प्रभावित पर्यावरण तथा दिव्यांगता की ओर बढ़ते लोगों की समस्याओं को मार्मिक ढंग से चित्रित किया गया है।
sonbhadra
4:05 PM, Jun 17, 2026
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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Ashish Gupta

म्योरपुर/सोनभद्र।सोनभद्र के दक्षिणांचल क्षेत्र में प्रदूषण और फ्लोराइड की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों की वास्तविक स्थिति तथा केंद्र सरकार की “हर घर नल जल योजना” के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों को दर्शाने वाली चर्चित डॉक्यूमेंट्री फिल्म “हर घर शुद्ध जल” का मंगलवार देर शाम मुंबई में भव्य प्रमोशन किया गया। यह कार्यक्रम प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुभाष घई के प्रतिष्ठित ब्लफ थिएटर में आयोजित हुआ, जहां फिल्म जगत की अनेक नामचीन हस्तियों, निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों और लेखकों ने फिल्म की सराहना की।डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से सोनभद्र में वर्षों से व्याप्त फ्लोराइड और प्रदूषण की समस्या, उससे प्रभावित लोगों की दुर्दशा तथा शुद्ध जल के लिए चल रहे प्रयासों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में प्रदूषण के कारण प्रभावित जीवन, विकलांगता की ओर बढ़ते लोग, टूटते पारिवारिक संबंध और स्वच्छ जल की आवश्यकता को बेहद संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। फिल्म प्रदर्शन के दौरान कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में उपस्थित फिल्म जगत की जानी-मानी हस्तियों ने फिल्म के निर्माता सुरेंद्र सिंह, फिल्म निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ता बंटी श्रीवास्तव तथा निर्देशक देवेंद्र शिवाजी जाधव के कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म केवल एक डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि सोनभद्र की जमीनी हकीकत और वहां के लोगों के संघर्ष की जीवंत कहानी है।प्रमोशन कार्यक्रम में महाभारत धारावाहिक में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले गजेंद्र चौहान, तीन सौ से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके अली खान, छोटे सचिन, रमेश गोयल, कृष्ण वंशल तथा फिल्म बॉर्डर के सहायक निर्देशक योगेश भारद्वाज सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सभी ने फिल्म को सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल बताया।कार्यक्रम के दौरान सहायक निर्देशक योगेश भारद्वाज ने प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा से लंबी चर्चा की। इस दौरान सोनभद्र के इतिहास में दबी मंजरी-लेरिक की अनकही प्रेम कहानी और फ्लोराइड पीड़ितों के जीवन पर विस्तार से बातचीत हुई। योगेश भारद्वाज ने कहा कि फ्लोराइड से प्रभावित लोगों की टूटती हड्डियों, बिखरते सपनों और सामाजिक संबंधों की इस त्रासदी को बड़े पर्दे पर लाने की आवश्यकता है। उन्होंने मंजरी-लेरिक की प्रेम गाथा और फ्लोराइड पीड़ितों की दर्दनाक परिस्थितियों पर फिल्म निर्माण की संभावना भी व्यक्त की।कार्यक्रम में मौजूद अन्य निर्माताओं और निर्देशकों ने भी सोनभद्र आकर यहां की कहानियों का अध्ययन करने तथा भविष्य में इन विषयों पर फिल्म निर्माण करने की इच्छा जताई। इससे उम्मीद जगी है कि सोनभद्र की समस्याएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से सामने आ सकेंगी।फिल्म निर्माण से जुड़े बंटी श्रीवास्तव ने बताया कि “हर घर शुद्ध जल” डॉक्यूमेंट्री अब तक 27 देशों में प्रदर्शित की जा चुकी है और इसे व्यापक सराहना मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस फिल्म के माध्यम से सरकार और संबंधित एजेंसियां प्रदूषण तथा फ्लोराइड की समस्या के समाधान के लिए और अधिक ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित होंगी।डॉक्यूमेंट्री में सोनभद्र की नदियों में बहते राखड़ (फ्लाई ऐश), बलिया नाला में बहते कोयला मिश्रित पानी, रेणुका क्षेत्र की बदहाल स्थिति, प्रदूषण से प्रभावित पर्यावरण तथा दिव्यांगता की ओर बढ़ते लोगों की समस्याओं को मार्मिक ढंग से चित्रित किया गया है। फिल्म यह संदेश देती है कि स्वच्छ जल केवल सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है।फिल्म के अंत में अश्वनी सिंह, प्रभात कुमार, कौशलेंद्र पांडेय सहित अन्य सहयोगियों के प्रति विशेष आभार व्ययह डॉक्यूमेंट्री न केवल सोनभद्र की पीड़ा को देश-दुनिया के सामने रखती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि स्वच्छ जल और स्वस्थ पर्यावरण के लिए संघर्ष अभी जारी है। फिल्म की सराहना से यह उम्मीद और मजबूत हुई है कि सोनभद्र की ज्वलंत समस्याएं आने वाले समय में बड़े मंचों तक पहुंचेंगी और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल होगी।
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