शिवार्चन काव्य संध्या में गूंजे भक्ति, देशप्रेम और सामाजिक सरोकारों के स्वर
सोनभद्र। उत्सव ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. एस.पी. पाठक के शहर स्थित आवास पर रविवार की शाम उत्सव ट्रस्ट साहित्य विभाग ‘अदब ओसारी’ के तत्वावधान में ‘शिवार्चन काव्य संध्या’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों ने शिव भक्ति, देशप्रेम, सामाजिक विसंगतियों और जनसरोकारों से जुड़ी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
8:15 PM, Aug 23, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

सोनभद्र। उत्सव ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. एस.पी. पाठक के शहर स्थित आवास पर रविवार की शाम उत्सव ट्रस्ट साहित्य विभाग ‘अदब ओसारी’ के तत्वावधान में ‘शिवार्चन काव्य संध्या’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों ने शिव भक्ति, देशप्रेम, सामाजिक विसंगतियों और जनसरोकारों से जुड़ी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ शिवेन्द्र ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सिद्धनाथ पांडेय, अजय चतुर्वेदी ‘कक्का’ मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि राकेश शरण मिश्र एडवोकेट एवं अशोक तिवारी एडवोकेट रहे।
कार्यक्रम का संचालन शहीद स्थल करारी प्रमुख प्रद्युम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने किया।वाणी वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ दिवाकर द्विवेदी ‘मेघ’ ने किया। उन्होंने मां वाग्देवी से लोक कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद सुधाकर पांडेय, स्वदेश प्रेम, गोपाल कुशवाहा, दयानंद दयालू, धर्मेश चौहान एडवोकेट एवं विवेक चतुर्वेदी ने विविध समसामयिक रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।विकास वर्मा ने शिव को समर्पित कजली ‘शिवजी के गूंजति जयकार बा, महिमा अपार बा ना’ सुनाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
वहीं सोन संगीत फाउंडेशन के सुशील मिश्रा ने शिव को समर्पित पूर्वी प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने श्रृंगार रस की रचना ‘अगर किसी से दगा करोगे, तुझे मोहब्बत नहीं मिलेगी’ सुनाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। प्रद्युम्न कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने शिव महिमा से जुड़ी कजली ‘शिवशंकर के महिमा अपार बा, सावनी बहार बा ना’ के साथ महंगाई और जनसमस्याओं को रेखांकित करती रचना प्रस्तुत की।अरुण तिवारी ने भारत माता की वंदना करते हुए ‘भारती की आरती उतारिये’ प्रस्तुत की। जयराम सोनी ने सामाजिक विद्रूपताओं और चंदा चोरी पर हास्य रचना सुनाकर व्यवस्था पर व्यंग्य किया।
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राकेश शरण मिश्र ने देश की दशा और दिशा पर चिंतन करते हुए वीर शहीदों को समर्पित कविता सुनाई। वहीं सिद्धनाथ पांडेय ने वन, पर्यावरण, जल, जंगल, जमीन तथा पशु-पक्षियों के संरक्षण की आवश्यकता पर गंभीरता से प्रकाश डाला।अशोक तिवारी एडवोकेट ने ‘तुमसे हमने प्यार किया और क्या किया’ सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। वहीं अजय चतुर्वेदी ‘कक्का’ ने गंभीर सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचना ‘रास्ते सब बंद हैं, हम क्या करें, हर तरफ जयचंद हैं, हम क्या करें’ प्रस्तुत कर पूरी महफिल लूट ली।अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ शिवेन्द्र ने कहा कि कवि होना सौभाग्य जरूर है, लेकिन कविता तभी सार्थक होती है जब कवि के चाल, चरित्र और चेहरे में अंतर न हो तथा वह सही और गलत के बीच फर्क करने का साहस रखे। उन्होंने कहा कि आम आदमी की पीड़ा को कविता में स्वर देना ही साहित्य की सार्थकता है। इसके बाद उन्होंने कविता पाठ कर आयोजन को विराम दिया।
कार्यक्रम के अंत में आशीष पाठक एडवोकेट, ट्रस्टी उत्सव ट्रस्ट ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर डॉ. अमरनाथ पाठक, रामचंद्र मिश्र एडवोकेट, मदन चौबे एडवोकेट, गोपाल बंगाली, ठाकुर कुशवाहा, फारुख अली हाश्मी, जयशंकर त्रिपाठी एडवोकेट, देवानंद पांडेय एडवोकेट सहित अन्य साहित्यप्रेमी देर शाम तक मौजूद रहे।






