नमामि गंगे योजना की धीमी रफ्तार से गहराया जल संकट, अपना दल (एस) ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
संपूर्ण समाधान दिवस में जल संकट के अलावा अन्य कई समस्याएं भी सामने आईं, जिनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले और जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं।
duddhi
12:01 AM, Apr 5, 2026
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Edited by: Son Prabhat
, Reported By: Jitendra Chandravanshi

सम्पूर्ण समाधान दिवस दुद्धी सभागार
दुद्धी तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान क्षेत्र की सबसे गंभीर समस्या—शुद्ध पेयजल संकट—को लेकर अपना दल (एस) ने जोरदार तरीके से आवाज उठाई। विधानसभा क्षेत्र (403) दुद्धी के अध्यक्ष निरंजन जायसवाल ने जिलाधिकारी सोनभद्र को ज्ञापन सौंपकर नमामि गंगे योजना एवं हर घर जल नल योजना की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की।ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण इसका लाभ ग्रामीणों को अब तक नहीं मिल पाया है। दुद्धी विकास खंड के कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है, और जहां पाइपलाइन डाली भी गई है, वहां अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं की गई है।
गर्मी से पहले गहराता संकट
क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पहले से ही जल संकट के लिए जानी जाती है। पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में प्राकृतिक जल स्रोत सीमित हैं। ऐसे में जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा, पेयजल की समस्या विकराल रूप ले सकती है। ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की आशंका है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
अपना दल (एस) के अध्यक्ष निरंजन जायसवाल ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए और बिछाई गई पाइपलाइनों से तत्काल जलापूर्ति शुरू कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र के हजारों लोग गंभीर संकट का सामना करेंगे।
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तहसील दिवस में उठे अन्य मुद्दे भी
संपूर्ण समाधान दिवस में जल संकट के अलावा अन्य कई समस्याएं भी सामने आईं, जिनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले और जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं। हालांकि, नमामी गंगे योजना से जुड़ा यह मुद्दा सबसे प्रमुख रहा, जिसने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
क्या होगा आगे?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देता है और कितनी जल्दी कार्यदायी संस्था को निर्देशित कर जलापूर्ति शुरू कराता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में दुद्धी क्षेत्र में जल संकट एक बड़ी चुनौती बन सकता है।






