रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र देहाती के निधन से शोक की लहर, संगठन ने बताया अपूरणीय क्षति
रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र देहाती के निधन से शोक की लहर, संगठन ने बताया अपूरणीय क्षति
8:32 PM, Jun 29, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सबहेडिंग:मुन्ना मालिक बोले- सोनभद्र में रालोद को मजबूत पहचान दिलाने में रही महत्वपूर्ण भूमिका, किसानों और कार्यकर्ताओं के बीच थे लोकप्रियसोनभद्र। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं सोनभद्र सिंचाई बन्धु के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र देहाती के निधन पर जिले के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन को संगठन के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।रालोद के जिला उपाध्यक्ष उदय प्रकाश पटेल (मुन्ना मालिक) ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सुरेंद्र देहाती ने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकदल का जनाधार जिले में तेजी से बढ़ा और पार्टी गांव-गांव तक पहुंची। उन्होंने कहा कि देहाती जी का निधन केवल पार्टी ही नहीं, बल्कि उनके लिए व्यक्तिगत क्षति भी है।मुन्ना मालिक ने बताया कि सुरेंद्र देहाती के कार्यकाल में 7 जून 2006 को रॉबर्ट्सगंज के हाइडिल मैदान में राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, तत्कालीन सिंचाई मंत्री स्वर्गीय मुन्ना सिंह चौहान तथा युवा रालोद के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह पटेल की विशाल जनसभा का सफल आयोजन कराया गया था। इसके अलावा 5 मई 2007 को चतरा ब्लॉक के बेलौड़ी डाक बंगले में रालोद के संस्थापक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान नेता स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह की ऐतिहासिक सभा का आयोजन भी उनके नेतृत्व में हुआ था।उन्होंने कहा कि सोनभद्र में राष्ट्रीय लोकदल का पहला झंडा बुलंद करने का श्रेय भी सुरेंद्र देहाती को जाता है। उन्होंने किसानों, व्यापारियों और आमजन की समस्याओं को हमेशा प्रमुखता से उठाया तथा संगठन को नई दिशा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया।रालोद नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
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