राखी के जरिए आत्मनिर्भरता की डोर मजबूत कर रहीं सोनभद्र की समूह की महिलाएं
सोनभद्र। रक्षाबंधन पर्व से पहले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने हुनर और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी 30 स्वयं सहायता समूहों की करीब 150 महिलाएं इस बार राखी तैयार करने में जुटी हैं। महिलाओं ने अब तक करीब 20 हजार आकर्षक राखियां तैयार कर ली हैं।
8:55 PM, Aug 25, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

150 महिलाओं ने तैयार कीं करीब 20 हजार राखियां, बिक्री से लाखों की आय की उम्मीदसोनभद्र। रक्षाबंधन पर्व से पहले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने हुनर और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी 30 स्वयं सहायता समूहों की करीब 150 महिलाएं इस बार राखी तैयार करने में जुटी हैं। महिलाओं ने अब तक करीब 20 हजार आकर्षक राखियां तैयार कर ली हैं। इनकी बिक्री से समूह की महिलाओं को लाखों रुपये की आय होने की उम्मीद है।इसी क्रम में समूह की महिलाओं ने जिलाधिकारी चर्चित गौड़ को अपने हाथों से तैयार राखी बांधी और रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। जिलाधिकारी ने महिलाओं के साथ बैठकर राखी बनाने की प्रक्रिया देखी। उन्होंने कच्चे माल, लागत, निर्माण, बिक्री और इससे होने वाली आय की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।महिलाओं के लिए रक्षाबंधन केवल त्योहार नहीं, बल्कि अतिरिक्त आमदनी का अवसर भी बन रहा है। घर की जिम्मेदारियों के साथ महिलाएं अपने हुनर को रोजगार में बदलकर परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि समूह की बहनों द्वारा तैयार राखियां उनके हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास की पहचान हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जोड़े जाएंगे पात्र परिवारस्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की पहल भी की जा रही है। डे-एनआरएलएम के एफएनएचडब्ल्यू कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सखियां स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से समूहों से जुड़े परिवारों की पात्रता संबंधी जानकारी जुटाएंगी। पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा निर्धारित पात्रता के अनुसार मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से जोड़कर आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने की कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को केवल रोजगार देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आजीविका, बाजार और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि./रा. वागीश कुमार शुक्ला, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी रमेश मिश्रा, उप जिलाधिकारी घोरावल विशाल कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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