श्रीराम अमृत कथा का श्रवण कर निहाल हुए श्रोता।

- शिव बारात का प्रसंग सुन श्रोताओं ने खूब लगाए ठुमके।
बीजपुर / सोनभद्र – विनोद गुप्त / सोन प्रभात
बीजपुर। जरहा अजीरेश्वर महादेव धाम पर प्रख्यात कथा वाचक प्राची देवी के मुखार विंदु से शनिवार तीसरे दिन हुई श्रीराम कथा के प्रसंग में शिव बारात की महिमा का कथा श्रवण कर श्रोताओं ने जमकर ठुमके लगाए।

कथा वाचक के मनमोहक अंदाज में रामकथा का विस्तृत प्रवचन सुन पंडाल में बैठे हजारों की संख्या में श्रोताभक्त भाव विभोर हो गए। कथा वाचिका प्राची देवी ने जब अपने मुखार विंदु से शिव बारात का वर्णन किया तो समूचा पंडाल खड़े होकर थिरकने पर मजबूर हो गया। कथा वाचिका प्राची देवी ने प्रवचन में कहा कि भगवान शंकर ने माता सती का जब त्याग किया था तो 87 हजार वर्ष की कठोर तपस्या किये थे और एक गीत सुनाया “सज धज के जिस दिन शहजादी आएगी, ना सोना काम आएगा ना चांदी काम आएगी ” यह गीत सुनकर भक्त गण भाव बिभोर हो गये और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

अजीरेश्वर महादेव धाम की पवित्र भूमि पर ऐतिहासिक कथा आयोजन से इस निर्जन स्थान के जंगल, पहाड़ ,नदी, नाले और गाँव , नगरी सब कुछ कथा श्रवण कर अयोध्या जैसे राममय हो गयी। आयोजक रुद्र एग्रो इंडस्ट्रीज बैढन तथा बघेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड अजीरेश्वर धाम परमार्थ जनसेवा ट्रस्ट के मुखिया राजेन्द्र सिंह बघेल द्वारा कथा वाचिका पूज्य प्राची जी के हाथों कथा श्रवण करने आए सम्भ्रांत अतिथियों को अंग वस्त्र से सम्मानित भी कराया गया।

ग्रामीण स्तर पर आयोजित इतने बड़े धार्मिक आयोजन में पड़ोसी प्रान्त छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश सहित न्याय पंचायत जरहा के तेरह गाँवों के अलावा दूर दूर से आने वाले हजारों कथा श्रोताओं की प्रतिदिन भीड़ पहुँच रही है। प्रायोजक समिति की ओर से बाबा अजीरेश्वर धाम के परिधान में जगह जगह तैनात वालेंटियर चाक चौबंद दिखे तो एक प्लाटून पीएसी बल के जवान और प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय मयहमराह पुलिस बल सुरक्षा के दृष्टिगत बराबर चक्रमण करते रहे।
