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दुद्धी ब्लॉक के मूरता गांव में 269 शौचालय अधूरे , जिम्मेदार कौन ??

  • -तस्वीरें देख आप भी रह जाएंगे दंग, 319 शौचालय में सिर्फ 50 शौचालय पूर्ण ।
  • -2018 से निर्माण हो रहे शौचालय अब तक अधूरे, किसी अधिकारी का नही गया अब तक ध्यान।
  • – ग्राम प्रधान के बिना लगभग 2 साल तक सेक्रेटरी के भरोसे चला है गांव के विकास का पहिया।
  • – वर्तमान ग्राम प्रधान ने सिर्फ 50 शौचालय पूर्ण की बात स्वीकारी, सेक्रेटरी को माना जा रहा है जिम्मेदार।
  • ओडीएफ घोषित हो चुका गांव , आज भी बाहर शौच जाने के लिए मजबूर मूरता निवासी।

दुद्धी/ सोनभद्र – 

आशीष गुप्ता / जितेंद्र चन्द्रवंशी – सोनप्रभात

सोनभद्र जिले के दुद्धी विकासखण्ड के मूरता गांव के शौचालयों की हालत देख गांव के विकास और ग्रामीणों की उपेक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।


मूरता गांव में आपको प्रत्येक घरों में शौचालय के नाम पर खड़ी ढांचा तो मिल जाएगी, परन्तु कई शौचालय के दरवाजे गायब, गड्ढो से ढक्कन गायब, कुछ के गड्ढे ही गायब और तो और कई शौचालयों के छत ही गायब आपको देखने को मिल जाएंगे।

  • ऐसी हालत का क्या है, असल वजह ?

– ग्राम प्रधान चंद्रदेव ने बताया कि उनके गांव में कुल 319 लाभार्थियों के नाम पर शौचालय है जिसमे 50 शौचालय सिर्फ पूर्ण है और प्रयोग किये जा रहे हैं।

सन 2018 से निर्माण हो रहे शौचालयो का अब तक ऐसे हालत में होना वास्तव में शोषण और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसा है।

  • बिना ग्राम प्रधान के लगभग 2 साल तक सेक्रेटरी राघवेंद्र सिंह के भरोसे चला है मूरता गांव के विकास का पहिया।

“आपको बताते चले कि ग्राम प्रधान चन्द्रदेव का सन2018 में लिलासी वनभूमि विवाद में गिरफ्तारी हुई थी, जिसके कारण लगभग 2 साल तक ग्राम मूरता के विकास की बागडोर सेक्रेटरी राघवेंद्र सिंह के जिम्मे थी।”

बीते 2019 के अंतिम महीनों में ग्राम प्रधान चन्द्रदेव की बहाली हुई जिसमें सिर्फ 50 शौचालयों को उन्होंने पूर्ण कराया बाकि के 269 शौचालय मानो मुँह चिढ़ा रहे हो।

  • ग्रामीण परेशान, आखिर करे क्या ?

“ग्राम प्रधान ने साफ तौर पर कहा कि मेरे मद से निर्मित 50 शौचालय पूर्ण है, बाकि अधूरे शौचालयों का जिम्मेदार मैं नही हूँ।”

वही ग्रामीणों को तो कुछ समझ ही नही आ रहा है कि वे क्या करें।

मूरता गांव के पूर्व ग्राम प्रधान रामसेवक यादव ने कहा कि सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस योजना का लाभ मूरता के ग्रामीणों को आज तक नही मिल पाया, कुछ महीनों बाद फिर से पंचायती चुनाव आने वाले हैं फिर सब कुछ सामान्य हो जाएगा। उन्होंने साथ ही बताया कि इस सम्बंध में मैने ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत डाली है परन्तु अभी तक अपडेट प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पहले सिर्फ 13 शौचालय पूर्ण दिखाए गए थे जबकि 37 शौचालय अभी कुछ महीनों पहले पूर्ण किये गए है।

  • – सोनप्रभात की टीम जब पड़ताल हेतु गांव में भ्रमण कर रही थी तो ग्रामीणों के बयान और शौचालयो की दशा हैरान कर देने वाले थे।

शौचालय लाभार्थियों में जिन्दलाल पुत्र जगेसर, ईश्वरी पुत्र इंदर, नन्दलाल पुत्र रामऔतार, कौलसिया पत्नी रामबृक्ष, जानशाय पुत्र बनारसी, बनारसी पुत्र रामप्रसाद , श्रीकिसुन पुत्र लालधारी आदि ग्रामीणों ने अपने शौचालय पूर्ण कराने हेतु तथा उचित कार्यवाही की मांग की है।

सोनप्रभात न्यू्ज जिला अधिकारी सोनभद्र व सम्बन्धित उच्च अधिकारियों से अपील करता है, कि मूरता गांव के शौचालयों का जमीनी स्तर पर जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें, जिससे ग्रामीणों का विश्वास सरकारी व्यवस्था पर बना रहे।

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